???????? अमेरिकी टेक कंपनियों पर भारत सरकार कस सकती है लगाम, डिजिटल संप्रभुता की दिशा में बढ़ा कदम!

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Deepak Mittal

नई दिल्ली।भारत और अमेरिका के बीच बीते कुछ समय से कूटनीतिक रिश्तों में आई खटास अब डिजिटल दुनिया पर भी असर डाल सकती है। सूत्रों की मानें तो भारत सरकार गूगल, यूट्यूब, फेसबुक, X (पूर्व ट्विटर), इंस्टाग्राम जैसी अमेरिकी टेक कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की योजना बना रही है।


???? सरकार के स्तर पर हो रही उच्च स्तरीय बैठकें

  • केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल संप्रभुता और डेटा सुरक्षा को लेकर हाल ही में कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गई हैं।

  • अमेरिका की कंपनियों पर प्रतिबंध या रेगुलेशन लगाए जाने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

  • कहा जा रहा है कि सरकार किसी भी समय एक कड़ा और अप्रत्याशित फैसला ले सकती है, जिससे इन कंपनियों के भारत में संचालन पर असर पड़ सकता है।


???? गूगल, यूट्यूब, फेसबुक को हो सकता है भारी नुकसान

अगर भारत सरकार इन कंपनियों पर नियंत्रण लगाती है या कुछ सेवाओं को सीमित करती है, तो इससे:

  • गूगल की सर्च और ऐड नेटवर्क को सीधा झटका लग सकता है।

  • यूट्यूब और मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम) के विज्ञापन राजस्व पर व्यापक प्रभाव हो सकता है।

  • ट्विटर (X) जैसी कंपनियों को पहले ही भारत में नियमों को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ चुका है।


???????? ‘मेड इन इंडिया’ टेक्नोलॉजी को मिलेगा बढ़ावा

भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अब घरेलू ब्राउज़र, सर्च इंजन, डेटा सर्वर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के निर्माण पर जोर देना शुरू कर दिया है।

  • कॉमेट टेक्नोलॉजीAI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता)नैनो टेक्नोलॉजी, और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारी निवेश किया जा रहा है।

  • भारत में राज्य स्तरीय टेक्नोलॉजी हब बनाए जा रहे हैं, जहाँ देशी इंजीनियर इनोवेशन पर काम कर रहे हैं।

  • सरकार चाहती है कि देशवासी भारत निर्मित डिजिटल सेवाओं का उपयोग करें जिससे डेटा भारत में ही सुरक्षित रहे।


???? क्या कहता है विश्लेषण?

टेक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सरकार द्वारा ऐसा कोई कदम उठाना एक “डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक” के बराबर हो सकता है।

  • इससे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।

  • हालांकि, यह कदम वैश्विक डिजिटल कारोबार और कूटनीति में हलचल जरूर मचा सकता है।


????️ आगे क्या?

हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि सरकार विदेशी टेक दिग्गजों पर निर्भरता घटाना चाहती है

‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल संप्रभुता’ की नीति के तहत भारत में जल्द ही देशी इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स देखे जा सकते हैं।

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Author: Deepak Mittal

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