नवभारत टाइम्स 24X7.in के ब्यूरो चीफ जे.के. मिश्रा की रिपोर्ट:
सांप- बिच्छु से सुरक्षित रहेंगे वनकर्मी, काटे जाने पर क्या करें और क्या न करें, प्राथमिक उपचार के बताए उपाय
बरसात के मौसम में अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में रह रहे वन्य जीव अधिक जहरीले और खतरनाक हो जाते हैं, जिससे काटने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस खतरे से निपटने के लिए वनकर्मियों को विशेषज्ञों की मदद से प्रशिक्षण दिया गया।
वनकर्मियों के लिए बरसात का मौसम सबसे खतरनाक होता है, क्योंकि उन्हें जहरीले जीव-जंतुओं से बचाना टाइगर रिजर्व प्रबंधन की जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी को निभाते हुए प्रबंधन ने शिवतराई में एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें विशेषज्ञों ने बचाव और प्राथमिक उपचार के तरीके बताए। इस प्रशिक्षण के माध्यम से वनकर्मी न केवल खुद को बल्कि जंगल के अंदर बसे ग्रामीणों की भी जान बचा सकते हैं।
जंगल में ड्यूटी करना आसान नहीं होता, विशेषकर बरसात के दौरान, जब वनकर्मियों को हरियाली और वन्य प्राणियों की सुरक्षा करते हुए कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। दैनिक गश्त के दौरान, झाड़ी-झंगर के बीच से गुजरते समय, वनकर्मियों को सांप, बिच्छु और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के काटने का खतरा रहता है। वनकर्मी इस खतरे से सबसे ज्यादा डरे रहते हैं।
उच्चाधिकारियों के निरीक्षण या बैठक के दौरान वनकर्मी अपनी समस्याएं खुलकर बताते हैं, जिन्हें एटीआर प्रबंधन ने गंभीरता से लिया और इसके समाधान के लिए कार्यशाला आयोजित की। शिवतराई के इंटरप्रिटेशन सेंटर में आयोजित इस कार्यशाला में जेएसएस गनियारी के विशेषज्ञों को बुलाया गया था।
विशेषज्ञों ने वनकर्मियों को कई सावधानियों के बारे में बताया, जिसमें सबसे प्रमुख था जूते पहनना। इसके अलावा, उन्होंने कई अन्य उपाय भी सुझाए।
Author: Deepak Mittal












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