रायपुर के नटवरलाल अरुण कुमार सरोज के काले कारनामे,,उल्टा चोर कोतवाल को डांटे,, चोरी की चोरी ऊपर से सीना जोरी,, ..

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रायपुर के नटवरलाल अरुण कुमार सरोज के काले कारनामे,,उल्टा चोर कोतवाल को डांटे,, चोरी की चोरी ऊपर से सीना जोरी,,

 

अरुण कुमार सरोज रायपुर निवासी का काला कारनामा आया सामने,,

 

पीड़ित प्रार्थी अखिलेश खटोड़ पहुंचे, पुलिस और न्यायालय की शरण में,, मिला आश्वासन होगा न्याय,,,

 

दीपक मित्तल रायपुर छत्तीसगढ़

 

रायपुर छत्तीसगढ़,, अगर आप अपने अच्छे परिचित को किसी कार्य के लिए उधारी में रकम दे रहे हैं तो अब सचेत हो जाएगा,, सोच समझ कर उधारी में रकम दीजिएगा,, कारण की उधारी में दी गई रकम वापस मिलने की बजाय रकम को हजम करने के लिए अरुण कुमार सरोज जैसे लोग तरह-तरह के आरोप और प्रत्यारोप लगाते हैं और इसी तरह का एक मामला रायपुर राजधानी से सामने निकलकर आ रहा है, अरुण कुमार सरोज पिता संत राम सरोज निवासी गंगा विहार गली नंबर 5 मकान नंबर 10 निवासी ने रायपुर के प्रतिष्ठित बिल्डर और व्यवसायी अखिलेश खटोड़ से 1,60,000 रुपए लगभग 8 महीने पहले भूमि के दस्तावेजों के कार्य को पूर्ण करने के एवेज में चेक देकर लिया था,, 8 महीने निकालने के बावजूद अरुण कुमार सरोज ने प्रार्थी अखिलेश खटोड़ को 1,60,000 रुपए जो एडवांस में दिया था वह वापस नहीं किया,, आजकल आजकल कर लगातार टालमटोल करता रहा और 11 जून तक अरुण कुमार सरोज ने प्रार्थी अखिलेश खटोड़ को भुगतान करने का वादा किया था,,परंतु इस बीच कूट रचना रच कर षड्यंत्र पूर्वक पैसे वापस नहीं करने की नियत और झूठी कहानी गड़कर 6 जून को रायपुर पुलिस के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत कर अपने आप को बचाने का असफल प्रयास किया,वह असफल प्रयास पूरी तरह निष्क्रिय हुआ, निष्क्रिय होने का कारण यह था की प्रथम दृष्टा में ही झूठी कहानी गड़ी गई थी,,
पिडित प्रार्थी अखिलेश खटोड़ ने बताया कि 8 महीने से लगातार वह अपने दिए गए 1,60,000 रुपए की मांग करते रहे परंतु अरुण कुमार सरोज सिर्फ मीठी चिकनी चुपड़ी बातें कर विभिन्न प्रकार की बीमारियों का बहाना बात कर 8 महीने का समय निकाल दिया और 11 जून रात्रि में अखिलेश खटोड़ जब अपने राशि को लेने गया तो अरुण कुमार सरोज और उनके भाई के अलावा परिजनों ने ली गई राशि नहीं लौट आएंगे कहते हुए कहा कि चाहे जो करना है कर अश्लील गदी-गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि रायपुर राजधानी की पुलिस उनकी जेब में है जो करना कर ले, इसका सीधा-सीधा मतलब यह हुआ कि पहले से ही उनके मन में कपट था और वह रात्रि में सार्वजनिक हो गया,,
आइये बताते हैं क्या है मामला,,,
जमीन से संबंधित दस्तावेजों को शासकीय राजस्व विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने तक कार्य करने का अरुण कुमार सरोज कार्य करते हैं और लोगों को झूठा सपना दिखाकर पैसे ठग लेते हैं ठगी करने का उनका पुराना रिश्ता है लोगों को ठगने का और ठगने के बाद लोगों को गाली-गलौज करना पुरानी परंपरा है,, बताया जाता है कि अरुण कुमार सरोज खतरनाक और अपराधिक विचार के व्यक्ति हैं जो हस्ताक्षर भी झूठा करते हैं और लोगों को पूरी तरह फंसा लेते हैं,, अरुण कुमार सरोज को अगर नटवरलाल कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगा,,00

 

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Author: Deepak Mittal

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