नवभारत टाइम्स जिला बीजापुर ब्युरो प्रमुख
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इंद्रावती टाइगर रिजर्व की पांच एकड़ भूमि पर अवैध अतिक्रमण मामले में गठित जांच टीम की रिपोर्ट का लेकर राज्य युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह ने कलेक्टर बीजापुर से जिपं सदस्य एवं भोपालपट्नम से कांग्रेस के कद्दावर नेता बसंत ताटी के विरूद्ध अविलंब कार्रवाई की मांग की है। बसंत राव ताटी ने सभी आरोपों को नकारते हुए बेबुनियाद करार दिया है।
वही अजय ने बीजापुर नगर पालिका के उपाध्यक्ष पुरषोत्तम सल्लूर पर अपने ही वार्ड में 50 डिसमिल सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा करने, उस पर मकान बनाने का आरोप लगाते जांच की मांग की है।
अजय के मुताबिक पुरषोत्तम सल्लूर शांति नगर वार्ड से पार्षद है, और अपने ही वार्ड में पद का दुरूपयोग करते 50 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। जिसकी जानकारी चुनाव के वक्त नामांकन प्रपत्र में उन्होंने छिपाई है, लिहाजा सल्लूर की सदस्यता भी समाप्त होनी चाहिए।
आईटीआर जमीन मामले में पत्रवार्ता के दौरान अजय ने कहा कि बसंतताटी पूर्व सरकार में कृषि कल्याण बोर्ड में सदस्य थे।
अपने पद-पावर का दुरूपयोग करते ताटी द्वारा भोपालपट्नम क्षेत्र में इंद्रावती टाईगर रिजर्व की पांच एकड़ भूमि पर कब्जा कर प्रशासन को गुमराह करते पट्टा हासिल किया गया था।
अतिक्रमण की शिकायत विभाग की तरफ से होने पर तत्कालीन कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की जांच हेतु आदेशित किया गया था।
जिसके बाद भोपालपट्नम एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व और आईटीआर की तरफ से गठित संयुक्त टीम ने जांच की थी।
जांच दल की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो गई कि जिस जमीन पर ताटी मालिकाना हक का दावा कर रहे थे दरसल वह जमीन बड़े झाड़ के जंगल अंतर्गत है।
अजय का कहना था कि ऐसे ही एक मामले में प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की थी, चूंकि तब कांग्रेस सत्ता में थी और ताटी कृषि कल्याण बोर्ड के सदस्य थे, लिहाजा प्रशासन ने ताटी पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। हालांकि निवर्तमान कलेक्टर ने जाते-जाते जांच प्रतिवेदन के आधार पर ताटी को कारण बताओ नोटिस जारी करने आदेशित किया गया था, इसलिए वर्तमान बीजापुर कलेक्टर से उनकी मांग है कि जांच प्रतिवेदन के आधार पर ताटी के विरूद्ध अविलंब कार्रवाई करते उनका पट्टा निरस्त किया जाए, साथ ही अतिक्रमण को ध्यान में रखते हुए ताटी के विरूद्ध दण्डिक प्रकरण भी पंजीबद्ध किया जाए।
अजय सिंह के आरोपों पर कृषक कल्याण परिषद के पूर्व सदस्य बसंत राव ताटी ने कहा कि मुझ पर लगाये गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। मुझे पट्टा 1986-87 में नियमानुसार प्राप्त हुआ है। जहां तक बफर क्षेत्र की बात है वर्ष 2014 में बफर क्षेत्र घोषित हुआ है। वर्तमान में प्रकरण कलेक्टर जिला बीजापुर में विचाराधीन है। जो भी निर्णय आयेगा मैं उसका स्वागत करता हूँ। किंतु अजय सिंह द्वारा व्यक्ति विशेष पर शिकायत किया जा रहा है जबकि बफ़र क्षेत्र घोषित होने के बाद सैकड़ों व्यक्तियों को पट्टा दिया गया है।
Author: Deepak Mittal










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