सबसे बड़ा खरीदार है आर्मेनिया
दूसरी ओर, आर्मेनिया सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। अजरबैजान से संघर्ष के बाद से आर्मेनिया ने भारत से बड़े पैमाने पर हथियार खरीदे हैं। आर्मेनिया ने भारत से आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम, पिनाका मल्टी लॉन्च रॉकेट सिस्टम और 155 एमएम आर्टिलरी गन जैसे ‘रेडीमेड’ हथियार सिस्टम खरीदे हैं।
इन हथियारों की सबसे ज़्यादा मांग
भारत की सरकारी और निजी क्षेत्र की कंपनियाँ लगभग 100 देशों को बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और फ़्यूज़ निर्यात कर रही हैं। इसमें शामिल हैं…
- ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल
- डोर्नियर-228 विमान
- तोपखाने की बंदूकें
- रडार
- आकाश मिसाइल
- पिनाका रॉकेट और बख्तरबंद वाहन
तीन बड़े खरीदार
भारत विमान और हेलीकॉप्टर के पुर्जे खरीद रहा है, जिसमें पंख और अन्य पुर्जे शामिल हैं। हैदराबाद में टाटा बोइंग एयरोस्पेस उद्यम अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के लिए बॉडी और पुर्जे बना रहा है। बदले में, फ्रांस बहुत सारे सॉफ़्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आयात कर रहा है।जिंदगी से मौत तक हिंदुओं को निभाने होते हैं ये 16 संस्कार, जानें हर एक पीछे गहरा रहस्यअमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया भारतीय रक्षा निर्यात के शीर्ष तीन खरीदार हैं।
आर्मेनिया ने पिछले चार वर्षों में भारत के साथ कई सौदे किए हैं, जिसमें मिसाइल, आर्टिलरी गन, रॉकेट सिस्टम, हथियार-स्थान निर्धारण रडार, बुलेट-प्रूफ़ जैकेट और नाइट-विज़न उपकरण जैसे ‘तैयार उत्पाद’ के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद और तोपखाने के गोले आयात करना शामिल है। इनमें से कुछ सौदे नागोर्नो-काराबाख को लेकर अजरबैजान के साथ आर्मेनिया के संघर्ष के दौरान भी किए गए थे, जिसके तुर्की और पाकिस्तान के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

Author: Deepak Mittal










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